Wednesday, December 22, 2010

DEDICATED TO ALL MY HOSTEL MATES.........Just imagine all types of ALCOHOL in a bar chatting wid each other....1 of the best poem i've ever written..."MASTIBHARI MADHUSHALA"


BEER बोली WHISKEY  से
यहाँ   हर टेबल पे में हसती
हर आदमीके हातमे  में बसती
मुझे चखते ही अति  है सबको मस्ती
तो WHISKEY बोली चुप कर
सब तुजे पी है क्युकी तू है सबसे सस्ती....



WHISKEY बोली मेरे तो नाम में ही है ROYAL 
बड़े बड़े मुझे पीके हो जाते है घायल
कमीना भी बातो में हो जाता है LOYAL
मुझे चखतेही बिना लड़की के भी सुनाई देती है पायल...


 VODAKA आके बोला मेरी तो बात ही है न्यारी 
 मुझे तो ओठोसे चूमती है खुबसुरत परिया सारी
 मुझे आजमाते ही ठीक हो जाएगी सोचतुम्हारी
 इक सिप लेतेही लगने लगेगी यह दुनिया प्यारी..



फिर टकीला बोला
में तो हु आग का गोला
मुझे लेतेही निकलेगा शोला
बुड्ढे  को भी लगाने लगेगा अरे मेरी उम्र तो है सोला.



बिचारा कॉकटेल कर रहा था बोलने का प्रयास
धीरेसे निकली उसके मुहसे आवाज
बोला में न भेद करता बस एकता के धर्म को निभाता
और बिना झगड़े सबको अपने में प्यारसे बसता....



वहासे धीमे चलके आया सबका प्यारा OLD MONK
तो सब बोले चाचू तुम जाओ तुम हो चुके हो OLD
तो बोला बेटा आज भी बड़े बड़े मुझे पीके हो जाते है BOLD
और बोला मुजसे न उलझो में ही तो ये दुनिया है चलता
यकीं ना हो तो दुनिया चलने वाले ENGINEERS से पुछो
की उनके खून खून में कौन है बसता......


ऐसी है यह मधुशाला
ऐसा होता है यहाँ धमाल
यहाँ एके तो देख मेरे दोस्त
बेरंग जिंदगी में मिल जायेगा मस्ती का गुलाल....



 

1 comment:

  1. sahi hai patya.............

    sala tu to kavi ban gaya.............

    - sumit kawalkar

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